Monday 1 August 2011

श्रावण मास : भगवान भोले नाथ की आराधना

राशि अनुसार ऐसे करें श्रावण में भगवान भोले नाथ की आराधना

मेष राशि:- अगर आपके पारिवारिक जीवन में समस्या है, दांपत्य सुख नहीं हैं, आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तो श्रावण मास में हर रोज बेलपत्र पर लाल चंदन से नम: शिवाय लिखें। इसी मंत्र का जाप करते हुए जलाभिषेक करें। तत्पश्चात यह बेलपत्र शिवलिंग पर अर्पित कर दें। संपूर्ण कष्टों से छुटकारा मिलेगा।

वृषभ राशि:- वृषभ राशि वाले कार्य सिद्धि व लाभ प्राप्ति के लिए नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत सर्वप्रथम शिवलिंग गंगाजल और दही से अभिषेक करें। उसके बाद कच्चा दूध चढ़ाएं। तत्पश्चात जल की धारा के साथ द्वादश ज्योर्तिलिंगों के मंत्रों का उच्चारण करें। शिवलिंग पर श्वेत चंदन से तिलक करें और हारसिंगार के पुष्प अर्पित करें।

मिथुन राशि:- मिथुन राशि का स्वामी बुध और चंद्रमा के हमेशा आपस बैर रहा है। यदि आपकी जन्मकुंडली में चंद्रमा कमजोर है। आपकी मानसिक अवस्था अस्थिर रहती है। कारोबारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, कारोबार में बचत नहीं हो रही है तो श्रावण महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत हो स्नानोपरांत ऊँ नम: शिवाय का जाप करते हुए गंगाजल में श्रद्धानुसार शहद मिलाकर अभिषेक करें।

कर्क राशि:- कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा जो भगवान शिव का प्रिय श्रृंगार हैं। जीवन में कोई भी समस्या हो उन समस्याओं के निवारण के लिए श्रावण के महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत हो स्नानोपरांत गंगाजल, दूध व मिश्री मिलाकर ऊँ चंद्र मोलेश्वराय नम: इस मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें।

सिंह राशि:- सिंह राशि वाले लोग शत्रु संबंधी समस्या का निवारण, वर्चस्व प्राप्ति, कारोबार में लाभ प्राप्ति एवं पारिवारिक सुख के लिए श्रावण के महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत श्रद्धानुसार शुद्ध देसी घी से ऊँ  अनंनताय नम: मंत्र का जाप करते हुए भगवान शिव के शिवलिंग पर अभिषेक करें।

कन्या राशि:- कन्या राशि वाले लोग व्यवसाय में हानि से बचने, नौकार में सफलता पाने व पारिवारिक सुख के लिए श्रावण के महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत ऊँ त्रिमूर्तितेय नम: मंत्र का जाप करते हुए दूध, घी और शहद से अभिषेक करें। 

तुला राशि:- तुला राशि वाले लोग दांपत्य सुख, व्यवसाय वृद्धि एवं संतान सुख के लिए श्रावण के महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत दही और गन्ने के रस से शिवलिंग पर ऊँ श्री कंठाय नम: मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें।

वृश्चिक राशि:- वृश्चिक राशि वाले अपनी जीवन की संपूर्ण सफलता के लिए श्रावण के महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत तीर्थ स्थान के जल में दूध और शक्कर मिलाकर ऊँ नम: शिवाय कालं महाकाल कालं कृपालं ऊं नम: मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें।

धनु राशि:- धनु राशि वाले मनोवांछित सफलता प्राप्त करने के लिए श्रावण के महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत गंगा जल, कच्चे दूध व केसर मिलाकर ऊँ महेश्वराय नम: इस मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें।

मकर राशि:- मकर राशि वाले व्यवसाय में सफलता, पारिवारिक जीवन सुख व मनोनुकूल कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए श्रावण के महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत बादाम के तेल से ऊँ सर्वभूतहराय नम: मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें।

कुंभ राशि:- कुंभ राशि वाले लोग परिवार में कष्ट हो, कारोबार में हानि हो, शारिरिक परेशानियों के निवारण हेतु श्रावण के महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत घी, शहद और शक्कर से ऊँ अव्यक्ताय नम: मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें।

 मीन राशि:- मीन राशि वाले संपूर्ण विघ् और परेशानियों के निवारण के लिए श्रावण के महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत कच्चे दूध, केसर और तीर्थ जल मिलाकर ऊँ सर्वलोक प्रजापतये नम: मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें।
  

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